बिहारशरीफ के कई फेमस टीचर का गिरफ़्तारी वारंट जारी,पंकज सर गिरफ़्तार

बिहारशरीफ। रेल थानाप्रभारी ओम प्रकाश पासवान ने बताया कि रेलवे कोर्ट ने चार कोचिंग संचालकों के खिलाफ वारंट निर्गत किया था, जिसके आलोक में सभी की गिरफ्तारी की जा रही है। धनंजय टिचिग सेंटर के निदेशक धनंजय कुमार, श्रवण कुमार व सोनी कुमार फिलहाल फरार है।

बताया कि 23 जून 2017 को केंद्र सरकार द्वारा रेलवे वैकेंसी नहीं निकालने के कारण कोचिंग संचालकों के इशारे पर आक्रोशित छात्रों ने बिहारशरीफ रेलवे स्टेशन पर जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की थी। इतना ही नहीं उपद्रवी छात्रों ने ट्रैक को कई जगह से उखाड़ कर सरकारी दस्तावेजों व लाखों के टिकट को फूंक दिया था।


उग्र छात्रों ने जीआरपी, मीडिया व पुलिस के उपर जमकर रोड़ेबाजी की थी। मौके पर पहुंची बिहार थाना के वाहन को आग के हवाले कर दिया था। भीड़ में शामिल असामाजिक तत्वों ने चार से पांच राउंड गोली भी चलाई थी। जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को भी हवाई फायरिग करनी पड़ी थी। इस मामले में 1500 अज्ञात व 18 नामजद लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस कांड के मुख्य आरोपी चौधरी चरण सिंह ने कोर्ट में सरेंडर किया था जिसके बाद वह बेल पर बाहर आ गया।
याद दिला दें कि इस बवाल के कारण श्रमजीवी सहित कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहा था। उग्र छात्र किसी की बात सुनने के लिए तैयार नहीं थे। स्टेशन पर पहुंचते ही सबसे पहले रेलवे ट्रैक को उखाड़ा, फिश प्लेट खोलने के साथ पेड़ की टहनियां ट्रैक पर रख दी थी।
इसके बाद रेलवे का इलेक्ट्रोनिक व कम्प्यूटराइज सिस्टम को क्षतिग्रस्त कर आग के हवाले कर दिया था। टिकट काउंटर में घुसकर दो दिन की बिक्री के लाखों रुपए लूट लिए और विरोध करने पर रेल कर्मी को बुरी तरह से पीट दिया था। इस घटना से रेलवे को लगभग एक करोड़ का नुकसान हुआ था। पूरे बवाल को शांत कराने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी।

तत्कालीन डीएम, एसपी व अन्य वरीय पदाधिकारियों के पहुंचने के बाद पुलिस ने मोर्चा संभाला था, तब जाकर रेलवे स्टेशन को उपद्रवियों से मुक्त कराया गया था।

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